लखनऊ। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के सम्बन्ध में जनपद स्तरीय ओरियंटेशन कार्यक्रम एक रूपये में स्वच्छता के सम्बन्ध में जिलाधिकारी विशाख जी. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि आज की बैठक का मुख्य उद्देश्य 50 ग्राम पंचायतें जो शहरी क्षेत्रों के आस पास है को चिन्हित करते हुए उनमें नगर निगम की तर्ज पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कराने की योजना तैयार की जाना है। जिसके अंतर्गत प्रत्येक घर से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के एवज में ग्राम पंचायत द्वारा यूजर चार्ज (स्वच्छता शुल्क) के रूप में एक रुपया प्रतिदिन निर्धारित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के लिए सेंटर बनाए गए है। जहां पर सोर्स सेग्रीगेशन का कार्य स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों द्वारा किया जाता है। सेंटर में एकत्रित कूड़े की छटाई का कार्य करके सूखे कूड़े यथा प्लास्टिक, कांच, धातु, कागज आदि का विपणन और गीला कूड़ा/गोबर से कंपोस्ट/वर्मी कंपोस्ट तैयार किया जाता है। 5000 से ऊपर आबादी की ग्राम पंचायत में दो ई रिक्शा द्वारा कूड़ा कलेक्शन और 5000 से कम आबादी वाली ग्राम पंचायत में एक ई रिक्शा के माध्यम से कूड़ा कलेक्शन कराया जा रहा है।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि उक्त योजना को लागू करने से पहले खंड विकास अधिकारियों द्वारा सभी चिन्हित ग्राम पंचायतों में वृहद स्तर पर सफाई अभियान चलाते हुए ग्राम पंचायतों की सफाई कराई जाए, उसके बाद ग्राम प्रधान और सेक्रेट्री के स्तर से स्वच्छता ऑडिट बैठक का आयोजन कराना सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि स्वच्छता आडिट में ग्राम पंचायत में कुल परिवारों की संख्या, परिवार में कितने सदस्य है उसका विवरण और किस घर से किस मात्रा में कचरा निकलता है उसका आंकलन करते हुए स्वच्छता शुल्क निर्धारित किया जाए।
इसी प्रकार से मैरिज लॉन, बैंकेट हाल, ढाबा, पेट्रोल पम्प, शराब के ठेके, बैंक, उद्योग आदि से कचरे की मात्रा के अनुसार स्वच्छता शुल्क निर्धारित किया जाए। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि अतिनिर्धन परिवार जैसे जीरो पावर्टी, मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थी, प्रधानमंत्री आवास योजना व अंत्योदय कार्ड होल्डर जो स्वच्छता शुल्क देने में सक्षम नहीं है उनसे शुल्क नहीं लिया जाए।